HIV एड्स से बचने का इलाज के 5 उपाय आयुर्वेदिक नुस्खे

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HIV AIDS का पूरा नाम यह होता है : Human immunodeficiency virus infection, acquired immune deficiency syndrome (HIV/AIDS). एचआईवी HIV एड्स का इलाज इन हिंदी – यह एक जानलेवा बीमारी है जिसका कोई सीधा सटीक उपचार नहीं होता हैं. इस बीमारी से लाखों करोड़ों लोग मौत के मुंह में जाते आ रहे हैं. यहां हम आपको एचआईवी एड्स की जानकारी hiv information के बारे में बताएंगे इसके लक्षण कारण और इससे बचने के विषय में भी पूरी जानकारी देंगे.

एड्स HIV एक संक्रमण होता हैं इसका फुल फॉर्म (Human immunodeficiency virus) होता हैं. यह संक्रमण हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता (Immunity power) को तेजी से खत्म कर देती हैं जिससे शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता नष्ट हो जाती हैं, और फिर शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता नष्ट हो जाने से कई तरह की बीमारियां शरीर को घेर लेती हैं जिससे शरीर अत्यधिक कमजोर हो जाता हैं और अंत में रोगी की मौत हो जाती हैं, पड़े , aids treatment in Hindi 2015, 2016, 2017, 2018, 2019, 2020.

  • पोस्ट को पुरे ध्यान से निचे आखिरी एन्ड तक पड़ें, यह बहुत जरुरी जानकारी दी गई है.
  • एड्स का वायरस एक व्यत्कि से दूसरे व्यक्ति में फैलता हैं, यह एक से अधिक महिलाओ/पुरुष से योन संबंध बनाने से, इंजेक्शन की सुई से, प्रदूषित रक्त के जरिये, मां के स्तन के दूध आदि से एड्स फैलता हैं. यह संक्रमण किसी एड्स के रोगी को छूने या उसके पास बैठने से नहीं फैलता हैं. एड्स HIV Test में पॉजिटिव आने पर धीरे-धीरे immunity कमजोर पड़ जाती हैं व HIV test का positive आने के 8-10 साल बाद तमाम बीमारियों रोगो के लक्षण दिखाई देने लगते है. इसी स्थिति को एड्स कहां जाता हैं सिर्फ टेस्ट में एड्स पॉजिटिव आने को एड्स नहीं माना जाता हैं.

क्या एड्स एचआईवी hiv ka ilaj किया जा सकता हैं ??– यह रोग एक बार शरीर में आ जाने के बाद यह जिंदगी भर उस व्यक्ति के शरीर के अंदर रहता हैं, इसके उपचार में हम सिर्फ इतना कर सकते है की एड्स पॉजिटिव आने के बाद और एड्स होने के बिच की गैप में आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे व उपाय के जरिये गैप को बढ़ा सकते हैं. क्योंकि यह रोग टेस्ट पॉजिटिव आने के 8-10 साल बाद लक्षण दिखाता हैं इस बिच रोगी अगर आयुर्वेदिक नुस्खे को अपनाये और रोजाना इनका सेवन करे व सही खान पान लें तो इस 8-10 साल को 20-25 सालों से भी ज्यादा तक बढ़ाया जा सकता हैं और धीरे-धीरे एड्स को शरीर से खत्म भी किया जा सकता है

एड्स होने पर यह निम्न लक्षण दिखाई देने लगते हैं – वजन घटना, दस्त लगना और ठीक न होना, बुखार बना रहना, गले, जांघ और कांख में सूजन होना, छल होने, बलगम खांसी होना, त्वचा रोग, खुजली, पिली त्वचा, भूक न लगना, पसीना आना आदि एड्स होने के संकेत होते हैं.

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एचआईवी एड्स का इलाज के आयुर्वेदिक उपाय

HIV Aids Treatment in Hindi

  • HIV एचआईवी के टिके – अभी फ़िलहाल वैज्ञानिक ऐसे टिके बनाने पर रिसर्च कर रहे हे जिसके जरिये एड्स के रोगी की इम्युनिटी पावर बढ़ाई जा सके और एड्स के वायरस का प्रभाव खत्म किया जा सके.
  • डॉक्टर वर्तमान में एड्स के रोगी का इलाज Passive immunotherapy के जरिये करते हैं, इस थेरेपी में बिना किसी दवा के इन्फेक्शन को नियंत्रण में लाने की कोशिश की जाती हैं.
  • MX2 gene – डॉक्टर इस उपचार को एचआईवी वायरस को शरीर में फैलने से रोकने के लिए करते हैं, इस प्रयोग से एचआईवी वायरस शरीर में फैल नहीं पाता.
  • Genetically modified cells – यह प्रयोग सफल रहा हैं, इसमें रोगियों के इम्यून सेल्स को बदला जाता हैं (replacement of natural immune cells). ऐसा करने से रोगी को एचआईवी के संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती हैं.
  • Melittin – यह एक जहर हैं जो की मधुमक्खी के डंक में पाया जाता हैं, यह एड्स के वायरस को मार देता हैं, अभी डॉक्टर्स इसके लिए gel बनाने में लगे हैं ताकि वह इसे रोगी के शरीर में सही रूप से पहुंचा सके.
  • Radioimmunotherapy – इस थेरेपी में रेडिएशन के जरिये रोगी के एचआईवी संक्रमण को नष्ट किया जाता हैं.
    आदि अभी डॉक्टर कई रिसर्च में लगे हैं जिनसे वह एड्स एचआईवी का सटीक तरीके से ठीक कर सके.

एड्स से बचने के लिए रोगी को रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहिए, अगर रोगी अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता को बहुत मजबूत कर ले तो वह एचआईवी के वायरस से बच सकता हैं. हम निचे ऐसे ही कुछ घरेलु उपाय दे रहे हैं इनके प्रयोग से रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी जिससे इस रोग के  से बचाव होगा.

  • एचआईवी एड्स के रोगी को रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाना चाहिए चाहिए, जैसे हमने ऊपर गिलोय, गेहूं का रस आदि इन चीजों का सेवन रोगी को मौत से बचा सकता है.

गेहूं का जवारे

  • एड्स में गेहूं के जवारे में अद्भुत क्षमता होती हैं, यह रोगप्रतिरोधक क्षमता को तेजी से मजबूती देता हैं, शरीर के हजारों रोगों से बचाता हैं. इसके लिए आप छत पर कोने में मिटटी डालकर गेहूं उगाये . 5-6 इंच लंबे गेहूं को काटकर इनका रस निकाल कर रोजाना सुबह के समय 1 गिलास पिए. इससे शरीर में खून तेजी से बढ़ने लगता हैं, इम्युनिटी पावर तेज बनती हैं, रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती हैं. इस तरह गेहूं के जवारे के प्रयोग से एड्स के प्रभाव को खत्म किया जा सकता हैं. एड्स, अभी हाल हुआ एड्स हो या पुराण एड्स हो, एड्स हुए कितना ही समय हुआ हो आप इन उपायों को जरूर करे.

गिलोय का रस व काढ़ा

  • आयुर्वेदिक इलाज : गिलोय का रस व गिलोय का काढ़ा भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती देता हैं (एड्स में गिलोय). आप गिलोय का काढ़ा घर पर भी बना सकते हैं व बाबा रामदेव के पतंजलि स्टोर से इसे खरीद भी सकते हैं. इसके सेवन से बहुत ही तेजी से इम्युनिटी पावर बढ़ती हैं जिससे HIV के संक्रमण से बचा जा सकता हैं. रोगी को रोजाना 100 ग्राम गिलोय का रस अथवा काढ़ा सुबह के समय लेना चाहिए. इसका सेवन रामबाण इलाज करता है.

गेहूं के जवारे का रस पिए

  • गाय के दूध, घी, गोबर आदि इन सभी के जरिये इस रोग से बचा जा सकता हैं. इसमें रोजाना देसी गाय के घी से हवन कर के हवन के धुए में प्राणायाम करने से शरीर में मौजूद एड्स, एड्स का एचआईवी वायरस नष्ट हो जाते हैं. इसके साथ ही रोगी को देसी गाय का घी रोजाना 2-3 चम्मच खाना चाहिए. रोजाना गाय के घी का हवन कर प्राणायाम अवश्य करे.

रोजाना बिल पत्र के पत्ते खाये

  • बिल (बेल) पत्र – बिल के पत्ते जिसे हमे शिव जी पर चढ़ाते हैं, यह रोगी को रोजाना खाने चाहिए, इसमें डायबिटीज, High BP आदि कई अन्य रोगों को ख़त्म करने की चमत्कारिक शक्ति होती हैं, एड्स के घरेलु नुस्खे में यह सबसे आसान हैं सिर्फ आपको बेल यानि बिल पत्र की 4-5 पत्तियां रोजाना खाना चाहिए और बिल पत्र से बने अचार, मुरब्बा या चूर्ण का सेवन करना चाहिए, यानि बिल पत्र के हर रूप में सेवन करना एड्स में लाभकारी होता हैं.
  • इस एड्स एचआईवी की बीमारी में PH Level काफी कम हो जाता हैं, इसको बढ़ाने के लिए रोजाना सुबह लौकी, पत्तागोभी, या कद्दू का रस जरूर पिए. इससे ph level तेजी से बढ़ता हैं. इसके साथ ही एड्स के रोगी को शरीर की संक्रमण से लड़ने की शक्ति बढ़ाने के लिए रोजाना श्याम तुलसी के पत्तों का रस 50 ग्राम पीना चाहिए.

Yoga Pranayama For Hiv Aids in Hindi

  • एड्स का इलाज में बाबा रामदेव के अनुसार : रोजाना 1 घंटा योग को दें, इसमें आप आधा घंटा कपालभाति और आधा घंटा अनुम विलोम प्राणायाम करे, प्राणायाम शरीर को एड्स से होने वाले रोगों से बचाएगा व शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगा. आपको खुली हवा में रोजाना अवश्य प्राणायाम करना चाहिए.
  • इसके अलावा आपको आयुर्वेद का सहारा लेना चाहिए, अपने नजदीकी क्षेत्र में जहां भी पतंजलि स्टोर हो वहां पर जाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की दवा लेवे और उसका नियमित सेवन करे. क्योंकि आयुर्वेदिक चीजे एलॉपथी दवाइयों से भी जल्दी आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाती हैं.
  • और एड्स से होने वाले रोगों का उपचार भी करते रहे, जैसे एड्स में आपको बुखार बना रहता हो, सर्दी लगी रहती हो, दस्त लगे रहते हो तो ऐसे में इनका अलग से इलाज करे. इनके इलाज के लिए आपको गिलोय, तुलसी का काढ़ा आदि का प्रयोग करना चाहिए. वैसे अगर आप गेहूं के जवारे, गिलोय का रस व काढ़ा और प्राणायाम इनका नियमित सेवन करते हैं तो आपको ऐसी कोई सी भी बीमारी नहीं होगी.

एड्स एचआईवी (HIV) से बचने के उपाय Treatment

  1. बिना कोई तनाव टेंशन लिए रोगी को एड्स के रोगी को HIV के उपचार करने में जुट जाना चाहिए.
  2. किसी अन्य स्त्री से योन संबंध बनाते वक्त कंडोम का प्रयोग करे
  3. किसी का खून लेने से पहली उसकी अच्छे से जांच करवा ले
  4. एड्स से बचे रहने के लिए हर बार नई सिरिंग का प्रयोग करवाए
  5. जिन स्त्रियों को पहले से यह रोग हैं उनको गर्भधारण से बचना चाहिए
  6. हर दो तीन सप्ताह के बाद खून की जांच करवाते रहे
  7. बताई गए घरेलु उपाय बार विशेष ध्यान दें.
  • इस पोस्ट का दूसरा पेज भी पड़ें, उसमे इसके लक्षण और कारण के बारे में गहराई से बताया गया है. इसकी मदद से आप पता कर सकते है की आपको एड्स है या नहीं, जरूर पड़ें : NEXT PAGE

इस तरह रोगी अगर हिव एड्स से बचने के उपाय और घरेलु नुस्खे hiv aids treatment in Hindi करे तो वह कई हद तक अपने आपको बचा सकता हैं. अब वैज्ञानिको ने इसके लिए कई थेरेपी इजात कर ली हैं जिनके सहारे वह एड्स की बीमारी को जड़ से ठीक कर सकते है.

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आयुर्वेद एक असरकारी तरीका है, जिससे आप बिना किसी नुकसान के बीमारी को ख़त्म कर सकते है। इसके लिए बस जरुरी है की आप आयुर्वेदिक नुस्खे का सही से उपयोग करे। हम ऐसे ही नुस्खों को लेकर आप तक पहुंचाने का प्रयास करते है - धन्यवाद.