बाबा रामदेव से जाने कब्ज का रामबाण इलाज – जरूर पढ़ें

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कब्ज का इलाज बाबा रामदेव : यदि कॉन्स्टिपेशन ना हो तो आदमी को कोई बीमारी नहीं हो सकती ज्यादातर समस्याएं कब्ज से ही होती हैं. आयुर्वेद की करोड़ों वर्षों पुरानी संस्कृति में भी रोगों के पैदा होने का आधार कब्ज को ही माना है, तरह-तरह की बीमारियां जो है वह कब्ज के कारण ही होती है. और इस कॉन्स्टिपेशन से ही बाद में पाइल्स बनता है आदि कई रोग उतपन्न होते हैं. शरीर में अशुद्धियां बढ़ने लगती है, पाचन शक्ति विकृत हो जाती है.

फिर उसी का परिणाम होता है कि आदमी को पेट व शरीर में कई जगह पर दर्द होने लगता हैं. इसलिए सबसे पहले कॉन्स्टिपेशन कब्ज का रामबाण इलाज करिये और इसको मिटाइये बाबा रामदेव . कॉन्स्टिपेशन को मिटाने के लिए योगा अभ्यास से बेहतर कोई उपाय नहीं है और पूरी दुनिया के अंदर कोई दवा ऐसी नहीं है जो कॉन्स्टिपेशन पूरी तरह ट्रीटमेंट कर सके baba ramdev treatment for constipation in Hindi.

  • इस पोस्ट में रामवेद बाबा ने आसान घरेलु उपाय बताये है, इसलिए आप इसे पूरा निचे आखिरी तक पड़ें, जल्दबाजी न करे.

कब्ज का रामबाण इलाज, kabj in hindi,

  • बाबा रामदेव – लेकिन कब्ज के नाम से बाजार में एक लंबा चौड़ा हजारों दवाइयों व चूर्णों का व्यापार चल रहा है. आदमी सोचता है मैं यह चूर्ण खाऊंगा तो कॉन्स्टिपेशन मिट जाएगा और वह भी ऐड ऐसे देते हैं कि आदमी को पूर्व विश्वाश हो जाता हैं की जरूर इस चूर्ण व दवा में कोई बात होगी लेकिन होता क्या हैं ऐसे चूर्ण को खाकर आंते और खराब हो जाती हैं.
  • आखिर कॉन्स्टिपेशन होता क्यों है ? कॉन्स्टिपेशन तब होता है जब आंते मल को छोड़ नहीं पाती जब रस जो शरीर के लिए उपयुक्त होता है जो आप भोजन के द्वारा लेते हैं उस में से निकलने के बाद जो बेकार का पदार्थ बचता है तो पेट की आंते इतनी कमजोर हो जाती हैं कि वह मल को छोड़ ही नहीं पाती.
  • और फिर छोटी आंत बड़ी आंत कमजोर होगी तो कॉन्स्टिपेशन हो गया. और इस कब्ज कॉन्स्टिपेशन के लिए आदमी चूर्ण लेता हैं. आयुर्वेदा में वीपान्तस्कार चूर्ण, त्रिफला चूर्ण यह कब्ज के रोगी द्वारा रोजाना ली जाती हैं, और यह चूर्ण रोज लेने की चीज नहीं होती.
  • वीपान्तस्कार में भी सौंफ, सोंठ, सनाया, सेंधा नमक, छोटी हरड़ यह पांच चीजें इनका पाउडर बराबर मात्रा में लेने से भी कब्ज मिटता हैं और इसी को थोड़ा परिवर्तित करके थोड़ा और दूसरे कब्ज के चूर्ण बन जाते हैं.
  • हम भी पतंजलि बाबा रामदेव के आश्रम में चूर्ण बनाते हैं कब्ज के लिए, ऐसा नहीं हैं की हम नहीं बनाते लेकिन हम उसका बहुत ज्यादा ऐड नहीं करते. हम भी ऐड करे तो उससे करोड़ों रुपए कमा सकते हैं. लेकिन यहां आयुर्वेद की दवाई बनाने का उद्देश्य पैसा कमाना नहीं हैं.
  • यह तो इमरजेंसी के लिए आयुर्वेद की दवाइयों को हम लोगों को बहुत ज्यादा रोग बढ़ा हुआ होता हैं, या व्यक्ति किसी खतरनाक समस्या से गुजर रहा होता हैं तो ऐसी समस्या में अगर उसे दवा से थोड़ा आराम मिलता हो तो उस वक्त उसको दवा लेने के लिए हम थोड़ी सी प्रेरणा देते हैं.

कब्ज का इलाज बाबा रामदेव के उपाय

Constipation Treatment By Baba Ramdev in Hindi

  • दिव्य चूर्ण हम भी बनाते हैं, उसके अंदर खेमचीनी जिसको बोलते हैं वो और इसमें एक्स्ट्रा ऐड कर देते हैं मिश्री भी डाल देते हैं जैसे की इसके जो उपद्रव हैं सनाया के वह इन चीजों से कम हो जाए. वैसे त्रिफला सबसे निर्दोष, में तो कहता हूँ अगर आप चूर्ण लेना ही चाहते हैं तो सिर्फ त्रिफला चूर्ण ही लें और कोई सा चूर्ण लेने की आपका कोई आवश्यकता ही नहीं हैं.
  • और इसे तो आप घर में भी बना सकते हैं. छोटी हरड़ ले लो क्योंकि बड़ी हरड़ से उतनी जल्दी आराम नहीं होता. तो आप हरड़ का चूर्ण बना सकते है और कब्ज अगर ज्यादा ही हैं तो आप ऐसा करना हरड़, बहेड़ा, आंवला, हरड़ दोनों तरह की ले लेना, हरड़ छिलका भी और हरड़ छोटी भी. बड़ी हरड़ का छिलका प्रयोग में आता हैं और छोटी हरड़ पूरी की पूरी प्रयोग में लाइ जाती हैं.
  • कब्ज का इलाज के लिए हरड़ छोटी और बड़ी दोनों 100-100 ग्राम, बहेड़ा 100 ग्राम, आंवला 100 ग्राम यह घर में बनाकर के रख लीजिये. जब भी आपको कब्ज हो जाए तो इसका प्रयोग कर सकते हैं. इसके साथ ही अपने आहार में भी परिवर्तन करके आप कब्ज के रोग का इलाज कर सकते हैं व इससे हमेशा के लिए दूर रह सकते हैं.
  • इसके साथ ही आपको नई व पुरानी कब्ज के लिए प्राणायाम भी करना चाहिए, ऐसा देखने में आया हैं की प्राणायाम करने से चाहे कितना ही पुराना करोड़ों वर्ष का कब्ज हो वह भी ठीक हो जाता हैं, यह हजारो लोगों द्वारा आजमाया जा चूका हैं. और इसके लिए कपालभाति प्राणायाम और मंडूकासन यह दोनों आप करे.
  • जिनको कब्ज, अरिथीरिट्स, मोटापा आदि बीमारियां हैं वह सुबह उठकर गर्म पानी पिए, उष्ण-पान करे. फिर उसके बाद आप प्राणायाम करना. और अगर सुबह उठने के बाद पेट साफ़ नहीं होता, ऐसी समस्या कई लोगों में देखने को मिलती हैं. तो इसके लिए रात को त्रिफला ले लेना या त्रिफला रात को भिगो कर के सुबह उसको पका लें एक से दो चम्मच.
  • ज्यादा कब्ज है, बहुत ज्यादा मोटे हैं आप तो एक से दो चम्मच जरूर लें. (यानी एक चम्मच त्रिफला एक गिलास पानी में भिगो कर के रख दें और सुबह उसे उबाले जब वह आधा रह जाए तो उसका सेवन कर लें)
  • अक्सर होता क्या हैं की आदमी को जब भी कब्ज होता हैं तो वह चूर्ण ले लेता हैं और उसकी ऐसी आदत बन जाती हैं फिर अगर वह रोजाना कब्ज न लें तो उसका पेट ठीक से सांफ ही नहीं हो पाता इसलिए भी हम आपको चूर्ण लेने का मना करते हैं, इसके बजाय आप प्राणायाम व मंडूकासन करिये यह कोई साइड इफेक्ट्स नहीं देंगे. यह 100% आयुर्वेदिक व देसी इलाज है कब्ज के लिए जो की आपको अपनाना ही चाहिए बाबा रामदेव इन हिंदी में.

और थोड़ा सा भोजन में परिवर्तन करे

  • सबसे पहला – सुबह उठकर पानी पीजिये. नाश्ते में आप परांठे न खाये इसके बजाये आप नाश्ते में अंकुरित चीजें लीजिये मूंग सबसे अच्छा अंकुरित अन्न हैं.थोड़ा इसमें मूंग फली के दाने और बादाम भी मिला लीजिये और पौष्टिक भी बन जाएगा.
  • इसके साथ ही नाश्ते में कभी कभी गेहूं को भी अंकुरित कर के ले सकते हैं यदि मूंग थोड़ा महंगा होता हैं, आम आदमी नहीं ले सकता हो तो गेहूं को भी अंकुरित कर के खा सकता हैं. इसमें भी उतना ही फायदा होगा. और मुनक्का बड़ी वाली जिसमे बीज होता हैं, और इसके पानी को फेंकना नहीं हैं मुनक्का को अलग भिगोइये फिर इसका पानी भी पिए और बीज फेंक कर के मुनक्का को भी खाइये.
  • तो नाश्ते में आप अंकुरित अन्न लीजिये. और रोज अंकुरित अन्न लेने की आवश्यकता नहीं हैं थोड़ा बदलाव भी करते रहिये. बस यह याद रखे की आहार आपका संतुलित व सम्पूर्ण रहे. कभी-कभी नाश्ते में फलों का सेवन भी करलिया करे.
  •  कब्ज के लिए फल में सबसे अच्छी चीज हैं अमरुद, इसे आप सुबह के समय लें तो ज्यादा लाभ देगा किसी किसी को खाली पेट अमरुद खाने से पेट में गैस बन जाती हैं तो ऐसे व्यक्ति भोजन करने के बाद अमरुद का सेवन कर सकते हैं.
  • आप अमरुद लेंगे तो आपको कोई चूर्ण खाने की आवश्यकता नहीं रहेगी. न दिव्य चूर्ण, न विपन्त्सर चूर्ण, न उदारकल्प चूर्ण कोई चूर्ण लेने की आवश्यकता नहीं हैं. मेने जो अभी त्रिफला का कब्ज के लिए घरेलु नुस्खा बताया तो उसको भी आपको करने की जरूरत नहीं हैं अगर आप यह करते हैं तो.
  • और भोजन में सेब को शामिल कर लीजिये, अमरुद को शामिल कर लीजिये, पपीते को शामिल कर लीजिये. और यदि मानलीजिए कोई यह फल नहीं खरीद पाता हो तो क्या करे, अमरुद वैसे ही सस्ता होता हैं, सब खा सकते हैं. अमरुद कब्ज के लिए रामबाण हैं permanent solution हैं. लेकिन एक बात याद रखना अमरुद के बीज नहीं चबाने हैं. क्योंकि अमरुद के बीज चबाने से जिनको अल्सर हैं उनको नुकसान हो सकता हैं. और अमरुद के बीजों को चबाने से कब्ज भी होता हैं. कई लोग तो अमरुद के बीज फेंक देते हैं और सिर्फ छिलका छिलका ही खाते हैं यह और नासमझी हैं.

  • कब्ज का रामबाण इलाज करने में अमरुद को गोल काटिये बिच से पकड़िए, साइड का जो भाग हैं उसको दांतों से चबाकर खाइये और बिच का जो बिच वाला भाग हैं उसको मुंह में घोलकर के निगल जाइये तो अमरुद के बीज चबाने नहीं हैं यह बात आप विशेषकर ध्यान रखे नहीं तो फिर बाद में आप कहेंग की बाबा रामदेव ने इलाज बताया था वह भी नुकसान कर रहा हैं.
  • जो सेब नहीं खा सकते वह अमरुद खाइये यह तो बहुत सस्ते होते हैं सब खा सकते हैं. अमरुद में भी वही गुण होते हैं जो की सेब में पाए जाते हैं. एक बात याद रखे बहुत ज्यादा कच्चा व बहुत ज्यादा पका हुआ अमरुद दोनों ही अच्छे नहीं होते medium अमरुद खाये, जो न ज्यादा कच्चा हो न ज्यादा पका हो.

सही भोजन करे, कुछ भी खाने से पहले सोचे की क्या खाना चाहिए और क्या न खाये

  • और रात को अमरुद का सेवन नहीं करे. सेब आप कभी भी ले सकते हैं सुबह, दोपहर, शाम कभी भी ले लीजिये. पपीता भी इसके लिए बहुत फायदेमंद होता हैं, और अगर पपीता देसी हो तो फिर क्या बात हैं बहुत लाभदायक होगी. और वह व्यक्ति जो इन तीनो चीजों का सेवन नहीं कर सकते, जो इनको नहीं खरीद सकते वह लोकि का सेवन करे. लोकि भी क़ब्ज़ के रामबाण इलाज में से एक हैं, बहुत फायदा देगी. इसके लिए लोकि की सब्जी खाइये आप.
  • और लोकि का सुबह के वक्त जूस पीजिये. नाश्ते में आप इसका जूस ही पीजिये और यदि आप बहुत मोटे हैं तो कुछ मत खाइये सिर्फ नाश्ते में लोकि का जूस पीजिये और जब भूख लगे तो भोजन करलीजिये सलाद, खीरा, बड़ा टमाटर, केरला आदि खाये.

  • खाने के एक घंटे बाद पानी पिए, और दूध का भी सेवन करिये, रात को भोजन करने के एक घंटे बाद दूध जरूर पीजिये. और इसके साथ आप अंजीर भी ले सकते हैं दुगना लाभ करेगी. यह उन लोगों के लिए तो और भी लाभकारी हैं जिनका पेट साफ़ नहीं होता क्योंकि यह पेट साफ़ करने का रामबाण नुस्खा हैं (बाबा रामदेव) दूध के साथ 2-3 अंजीर उबालकर खा ले. इसको और असरकारी बनाने के लिए अंजीर के साथ साथ 8-10 मुनक्का, थोड़ी बहुत सौंफ भी मिला लीजिये.
  • पेट सांफ करने के लिए आप इनका इस तरह भी उपयोग कर सकते हैं. रात को एक गिलास पानी में अंजीर, मुनक्का और सौंफ तीनो को भिगोकर रख दीजिये और सुबह उठकर पानी सहित इनका सेवन कर लीजिये. मुनक्का के बीजो का सेवन नहीं करे.
  • हरी सब्जियों का ज्यादा प्रयोग करे, मूंग की दाल छिलके वाली खाया करे. मेदा से बनी सभी चीजों का सेवन बंद कर दें, फ़ास्ट फूड्स भी कम से कम उपयोग में लाये. खानपान का पूरा ध्यान रखे, नहीं तो प्राणायाम, अमरुद आदि जो नुस्खे हमने बताये हैं यह भी ज्यादा फायदा नहीं दे पाएंगे. क्योंकि एक तरफ तो आप साफ़ पानी से नाहते हैं और फिर गंदे नाले में कूद जाते हैं. तो क्या मतलब निकलता हैं. इसलिए खानपान पर पूरा ध्यान दें.

  • रिच फूड्स का सेवन बंद करे, एक बात और याद रखिये पूरा पेट भरकर भोजन मत करिये भूख से थोड़ा कम खाइये. और मांसाहार से भी बचे, (क्यों अपने पेट को शमशान बनाते हो, आदमी गजब हैं भूतों से तो डरता हैं और भीतर नजाने कितने निर्दोष प्राणियों की निर्मम हत्या करता हैं. तुम इंसान नहीं हैवान हो चुके हो. जरा सोचो और सम्हालों) मांसाहार खाने से व्यक्ति का शरीर व मन जड़ होने लगता हैं. वह धीरे-धीरे जानवर जैसा ही हो जाता हैं. इसलिए शुद्ध शाकाहारी भोजन करिये.
  • ऐसे ही आयुर्वेदिक नुस्खे और पड़ने के लिए इस पोस्ट के दूसरे पेज को भी एक बार जरूर पड़ें : NEXT PAGE 

इसके सम्बन्ध में यानी बाबा रामदेव में कब्ज का रामबाण इलाज constipation treatment by baba ramdev विषय में अगर आप हमसे कुछ पूछना चाहते हैं तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी समस्या या सुझाव जरूर लिखे. आइये मिलकर स्वदेशी अपनाये, हमे ज्यादातर बिमारियों विदेशी चीजों को खाने से ही होती हैं. इनमे कब्ज, मोटापा आदि आज के महारोग कहलाने वाले रोग ज्यादातर होते हैं. विदेशी फ़ास्ट फूड्स से बचे.

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