बच्चों के दस्त रोकने के उपाय और इलाज 10 घरेलु नुस्खे

बच्चों के दस्त के उपाय बच्चे को दस्त रोकने के उपाय
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बच्चों के दस्त का इलाज और रोकने की दवा नुस्खे इन हिंदी – नवजात शिशु में दस्त की शिकायत होना आम बात है, लेकिन दस्त का लम्बे समय तक बना रहना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. इसीलिए हम यहां आपको प्राथमिक उपचार के तौर पर कुछ ऐसे उपाय बता रहे है जिनके जरिये आप घर पर ही इन्हे ठीक कर सकते है.

वयस्क व्यक्ति को दस्त हो तो वह एक बार उसे एक सिमा तक सहन कर सकता है लेकिन बच्चे ऐसा नहीं कर सकते, उनका शरीर पहले ही पूरी तरह तैयार नहीं होता और ऊपर से ऐसे में कोई रोग हो जाए तो उनका शरीर और अधिक कमजोर हो जाता हैं. इसलिए बच्चों के दस्त में जरा भी ढील नहीं देना चाहिए.

छोटे बच्चों में दस्त के कारण

दस्त एक “रोटावाइरस” के संक्रमण में आने से होता हैं, यह विषाणु हमारी व छोटे बच्चों की आंतड़ियों पर हमला करता है. यह विषाणु हमारी आंत की अंदर की परतों को नुकसान पहुंचाता है. और परत के क्षतिग्रस्त होने से तरल पदार्थ का रिसाव होने लगता है bachon ke dast loose motion in Hindi.

  1. फार्मूला दूध से
  2. ज्यादा सर्दी जुकाम होने से
  3. एंटीबायोटिक्स के वजह से
  4. एलर्जी की शिकायत से
  5. साफ़ सफाई से भोजन नहीं करने से
  6. भोजन बासी या ख़राब होने से
  7. आदि बच्चों में दस्त ज्यादातर साफ़ सफाई पर ध्यान न देने से होते है, क्योंकि बच्चे कहीं भी पड़ी हुई चीज को मुंह में ले लेते हैं आदि इसी वजह से उन्हें दस्त लगने की सम्भावना ज्यादा रहती हैं.

बच्चों के दस्त के उपाय बच्चे को दस्त रोकने के उपाय

बच्चों के दस्त का इलाज रोकने के उपाय

Bachon Ke Dast Ka ilaj in Hindi

1. जायफल के एक चौथाई पाउडर को कुन-कुंए हलके गरम पानी के साथ बच्चों को दिन में तीन से चार बार तक दें. इसे छोटे से बच्चों के दस्त के उपाय अत्यंत लाभ होता हैं.

2. बेल के गुदे को दिन में तीन चार बार तक बच्चों को खिलाने से दस्त में आराम मिलता हैं. यह उपाय खासकर गर्मी के मौसम में काम करता है, यानि अगर बच्चों को गर्मी के मौसम में दस्त लगे हो या गर्मी के वजह से दस्त लगे हो तो यह प्रयोग करना चाहिए.

3. अनार के छिलकों का पाउडर बनाले और जब भी बच्चे को दस्त लगे तो उसे पाउडर में शहद मिलाकर बच्चों को चटाये. यह आसान नुस्खा दस्त को रोकने में बहुत मददगार होता है.

4. दस्त की वजह से आई कमजोरी को दूर करने के लिए शिशु को अनार का रस दिन में 3-4 बार पिलाये यह डिहाइड्रेशन के खतरे को भी कम करेगा व कमजोरी भी नहीं आने देगा.

5. सौंफ के पाउडर और बेलगिरी दोनों को एक गिलास पानी में मिलाकर शिशु को आधे एक घंटे के अंतराल से पिलाते रहे. इस घरेलु उपाय से बहुत आराम मिलता है.

6. मेथी के दानो को पानी में भिगो ले जब उनमे पानी भर जाए तब दिन में तीन चार बार इन मेथी दानों को दही में मिलाकर बच्चों को खिलाये. (दही व मेथी के दाने बचा जितना एक बार में ले सके उतना लें)

7. जब भी दस्त लगे तो अदरक का छोटा सा टुकड़ा कर के बच्चों को चूसने के लिए दे दें, इस उपाय से पाचन अच्छे से होता है व दस्त में भी आराम मिलता हैं.

8. एप्पल साइडर सिरके के सेवन करवाए, इसमें पेट को ठंडक व दस्त के वायरस से लड़ने की क्षमता होती हैं.

9. केले और सिरके दोनों में पेक्टिन पाया जाता है, यह आंत की परत को मजबूत बनाता है और उसकी परत को और मजबूत करता है जिससे पतले दस्त होना बिलकुल बंद हो जाते है. इसलिए सेब के सिरके के साथ केले का सेवन भी अपने बच्चों को करवाए.

10. लगातार दस्त होने से बच्चों के शरीर में कमजोरी आजाती है सोडियम आदि की कमी हो जाती है इससे बचने के लिए थोड़ी सी चीनी और जरा सा नमक एक गिलास पानी में मिलाकर बच्चे को दिन में 3-4 तक पिलाते रहे.

  • अगर आपका बच्चा अभी स्तनपान ही करता है, तो बेहतर होगा की आप उसे दस्त के समय स्तनपान की करवाए.
  • बच्चों को ORS ग्लूकोस आदि सेवन करवाते रहे ताकि उसे डिहाइड्रेशन का खतरा न बने
  • अगर आपका बच्चा फलों का रस पि लेता है तो उसे दस्त के समय ज्यादा से ज्यादा फलों का रस ही पिलाये.

दस्त होने पर डिहाइड्रेशन का खतरा बहुत बढ़ जाता हैं, इसके लिए बच्चों को पानी ज्यादा पिलाते रहे व स्तनपान भी करवाए. इसके साथ ही नारियल का पानी, संतरे का रस, टमाटर का रस, ग्लूकोस, ORS आदि भी देते रहे यह सभी बच्चों के शरीर में कमजोरी नहीं आने देंगे.

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  • निचे जो हम इस लेख के पिछले PAGE के बारे में बता रहे है आप उसे जरूर पड़ें, उसमे हमने दस्त में किन किन चीजों को खाना चाहिए व वयस्क व्यक्तियों में दस्त की शिकायत के लिए उपाय भी दिए हैं. – PREVIOUS PAGE

तो दोस्तों इस तरह आप इन बच्चों के दस्त रोकने के उपाय और घरेलु उपचार पढ़ा bachon ke dast ka ilaj desi nuskhe in Hindi अपनापर घर पर ही उसे ठीक कर सकते हैं. अगर बच्चों को फिर भी तकलीफ होती रहे तो आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए, क्यूंकि नवजात शिशु मुंह से बोलकर हमे नहीं बता सकते की उन्हें क्या तकलीफ हो रही है इसलिए आराम न मिलने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करे.

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