Harmful Side Effects Of Medicine Tablets On Teeth in Hindi

side effects of medicines on teeth in hindi
Harmful Side Effects Of Medicine Tablets On Teeth in Hindi
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दवा से दांत ख़राब होना : Medicine Tablets side effects on teeth in Hindi – हमारे देश में अब भी कई दवाईयां ऐसी हैं जिन्हें कई देशों में बेन (बंद) कर दिया गया हैं. कुछ दवाई ऐसी भी है जो 12 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जाती है, इसमें टेट्रासाइक्लिन नामक एंटीबायोटिक दवा भी शामिल है. कुछ दवाई खाने पर दांतों का रंग बदल जाता है तो कुछ ऐसी भी है जिनके उपयोग के बाद मुंह सुख जाता है. चलिए इस बारे में कुछ जानने की कोशिश की जाए.

side effects of medicines on teeth in hindi
Medicines & Tablets are harmful for teeth healths

Side Effects Of Medicine Tablets on Teeth

दंत चिकित्सक की सलाह से ही मेडिसिन का उपयोग किया जाना चाहिए. कई बार लोग अपने मन से अथवा केमिस्ट से पूछ कर ही दवाए को लेते हैं. इस तरह बिना डेंटिस्ट से सलाह लिए किसी दवा का उपयोग करना दांतों को कमजोर बना सकता हैं.

  • क्या होते है साइड इफेक्ट्स
  1. ड्राई माउथ ,अनियंत्रित रक्तस्राव
  2. मुंह का स्वाद बदल जाना
  3. सूजन होना, मुंह आना
  4. मुंह के अंदर सॉफ्ट टिस्सुस बदरंग
  5. मसूड़ों में सूजन आ जाना
  6. कैविटीज़ हो जाना
  7. दांतों और मसूड़ों का रंग बदल जाना
  8. दन्तस्ति क्षरण होना
  9. मुंह में संक्रमण होना जिससे ऐसा लगे की मुंह में दे जमा हैं

विशेषज्ञओं का मानना है की 300 से ज्यादा ऐसी दवाए हैं जिनसे मुंहे सूखने की समस्या आती है. मुंह की लार मुंह में संक्रमण नहीं होने देती है. इसलिए मुंह में नमी बनी रहनी चाहिए. लार का उत्पादन दवाओं के साइड इफेक्ट्स के कारण बंद हो जाता है. सूखे मुंह में संक्रमण जल्दी होते हैं और मसूड़े भी संक्रमित हो जाते हैं.

क्या करे

दन्त चिकित्सक को आ रही समस्या का विवरण और उसका समाधान प्राप्त करे. मुंह सूखने की स्थिति में चिकित्सक लार वृद्धि की औषधियां दे सकता है. अल्कोहल और तम्बाकू का सेवन बंद कर दें ताकि मुंह की खुश्की से निजात मिल सके.

  • ब्लड थिनर्स

रक्त को पतला करने औषधियों को चिकित्सक की सलाह से ही लें क्योंकि जहां वे उच्च रक्तचाप को कम करेंगे वहीँ मसूड़ों में खून भी बहने के लिए जिम्मेदार होंगी.

मुंह का स्वाद बिगड़ता है

कुछ दवाओं के प्रयोग के बाद मुंह का स्वाद बिगड़ जाता है. मुंह में मैटेलिक या कडुआ स्वाद आता है. कार्डियोवेस्कुलर ड्रग्स जिसमें बीटा ब्लॉकर्स और कल्किम चैनल ब्लॉकर्स भी शामिल हैं को लेने से पहले दंत चिकित्सक से भी सलाह लेना चाहिए.

सेंट्रल नर्वस सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए ली जा रही दवाए, पेट के कीड़े मारने वाली दवाए, एंटीबायोटिक्स जैसी कुछ दवाओं के इस्तेमाल से मसूड़े सूज जाते हैं. मसूड़े सूजन की समस्या मिर्गी के दौर को ठीक करने वाली दवाए लेने पर भी आ जाती है.

Medicine & Tablets can damage your Lips, Cavities, Yellow Teeth

इसी तरह रोग प्रतिरोधक शक्ति को कम करने वाली दवाए लेने पर भी मसूड़े सूज जाते हैं. दांतों में कैविटीज़ की समस्या के लिए कई तरह की दवाए जिम्मेदार होती हैं. इनमे बच्चों को देने वाली दवाए भी शामिल हैं. बच्चों की दवाओं में शुगर होती हैं, अंटासिड्स में भी शुगर होती हैं. ऐंटिफंगल एजेंट्स और कफ ड्रॉप्स में भी शुगर होती हैं साथ ही कुछ विटामिन की गोलियां भी चूसने की होती हैं वे सब दांतों में कीड़े लगने के जिम्मेदार हैं. इन सब का उपयोग करने से दांतों में कीड़े लगते हैं. जिससे दांत खोखले बनते जाते हैं.

कैसे पाए छुटकारा

शुगर syrups की जगह पर टेबलेट्स लेने की कोशिश करें. इसके अलावा भोजन के समय दवाए लें. रात को सोने से पहले शुगर वाली कोई दावा न लें. रात को बच्चों को कोई भी दवा पिलाए लेकिन उन्हीं ब्रश करके सोने दें. कहीं ऐसा न हो की दवा लेने के बाद वे सीधे सो जाए, इसलिए उन्हें सोते वक्त ब्रश करने का जरूर कहे.

दवाए जो बदल देती हैं दांतों रंग

कुछ दवाए दांतों और मसूड़ों का रंग बदल देती हैं. उदाहरण के तौर पर मुंहासे दूर करने वाली दवाओं के प्रयोग से दांतों का रंग बदल सकता हैं. इसकी वजह से मसूड़ों पर एक भद्दे रंग का पिगलमेंट जमा हो सकता है. कुछ माउथवाश भी ऐसे है जिनके प्रयोग से मसूड़ों की बीमारियां हो सकती हैं दांतों और मसूड़ों के बदरंग होने का इलाज चिकित्सक से पूछ कर ही करे.

दोस्तों अगर आपके दांत ज्यादा ही कमजोर हैं तो किसी भी तरह की दवा लेने से पहले डेंटिस्ट से उसके बारे में सलाह जरूर लें. ताकि आपको किसी भी तरह की हानि न हो. इसके साथ ही हमने दांतों के पीलेपन कालेपन, दांत दर्द आदि पर भी जानकारी दी हैं और बताये की इन सब से कैसे बचे. हमारी आपसे गुजारिश हैं की आप उन्हीं भी पूरा पढ़ें ताकि दांतों के विषय में आप अच्छे से जान जाये.

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