घाव की ड्रेसिंग के लिए महत्वपूर्ण सामग्री और कीड़े व घाव से जुडी जानकारी

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घाव की ड्रेसिंग के लिए महत्वपूर्ण सामग्री

Important Dressing Tools in Hindi

घाव की सफाई करने के लिए निम्न बताई जा रही सामग्री की जरुरत पड़ती है. इन सामग्री के माध्यम से आप खुद ही अपने घाव को साफ़ कर उसकी ड्रेसिंग कर सकते है.

  • एक रुई का पैकेट (cotton balls)
  • ड्रेसिंग के लिए पट्टी (कपडा) इसे इंग्लिश में Gauze Rolls कहते है
  • घाव धोने के लिए “Hydrogen” की bottle
  • मेडिकल टेप जो की कपड़ो से बनी होती है
  • बैंडेज छोटे घाव को ढकने के लिए
  • हाथ के ग्लव्स
  • छोटा सा चिमटा

किसी भी तरह के घाव की ड्रेसिंग करने के लिए यह महत्वपूर्ण सामग्रियां है, इनके जरिये आप किसी भी घाव को साफ़ करके ड्रेसिंग कर सकते है. इनकी कीमत भी बहुत कम है, एक-एक सामग्री 5-10 रुपए में मेडिकल पर मिल जाएगी. तो इस तरह आप इन सभी वस्तुओ के जरिये घाव की सफाई कर ड्रेसिंग कर सकते है. फर्स्ट ऐड में भी यह बहुत उपयोगी होते है.

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जले हुए स्थान में घाव होना

शरीर के किसी भी हिस्से को जलने पर अगर उसका उसी समय ठीक उपचार नहीं किया जाए तो वह और बढ़ जाता है. जले हुए स्थान पर सबसे टूथपेस्ट को जले पर लगाना, खुद की पेशाब से धोना, सामान्य ठन्डे पानी में डुबोना या कोई स्प्रे लगा लेना चाहिए. लेकिन जब जला हुआ घाव बन जाए तो क्या करना चाहिए इसके बारे में आगे बताते है.

110 ग्राम नीम का तैल ले, 60 ग्राम मोम, 550 ग्राम नीम की हरी पत्तियों का रस, 25 ग्राम नीम की छाल का चुरा और 15 ग्राम नीम की पत्तियों की राख लें. अब इन सभी सामग्रियों को किसी बर्तन में डाल दें और आग पर कम आंच में रख दें. इस तब तक आग पर रखे जब तक की इसके अंदर मोजूब नीम का तैल और मोम दोनों एक जैसे न हो जाए मतलब ठोस गाढ़ा हो जाये तक इसे गैस की आग से उतार कर घोटले. अब यह घाव भरने का मरहम मलहम तैयार हो चूका है. इसको रोजाना सुबह और शाम के समय पर लगाए तो बहुत तेजी से जले हुए अंग का घाव भर जायेगा और निशान भी मिट जायेगा.

सर्जरी के बाद घाव होने पर केला खाना

बवासीर, फिस्टुला या कोई अन्य सर्जरी हो और उसके बाद आपको घाव भी जाए तो आप केले खा सकते है. इससे घाव या सर्जरी पर कोई नकारात्मक असर नहीं होता, बल्कि इससे शरीर को ताकत मिलती है, प्रोटीन्स मिलते है जो की घाव को जल्दी भरने में भी मदद करते है. बस आप घाव के दौरान हल्दी, अदरक, पैकेट में बंद दूध, पाउडर का दूध और शकर इन सभी चीजों का कम से कम सेवन करे यह घाव भरने में देर करती है.

हमने पिछले पोस्ट में घाव के बारे में महत्वपूर्ण और सबसे ज्यादा असरकारी उपाय बताये थे जो की सभी तरह के घाव को जल्दी भर सकते है, और लगी हुई चोंट को घाव बनने से रोकने में मदद करते है. आप उस पोस्ट को भी जरूर पड़ें : घाव भरने के आसान उपाय

खुद का पेशाब

जानकारी के लिए हम आपको बता दे की अगर आपको कभी भी चोंट लगे, वह चोंट चाहे किसी भी चीज की लगे, आग से जलना आदि जो भी हो आप सिर्फ अपने ही पेशाब को उसपर तुरंत लगाए. यह देसी तरीका है, थोड़ा जलन करेगा लेकिन आपकी चोंट को घाव बनने से रोकेगा और अन्य कीटाणुओं से भी सुरक्षित रखेगा. इसके अलावा आप टूथपेस्ट का उपयोग भी कर सकते है, जले हुए स्थान पर टूथपेस्ट बहुत ठंडक पहुंचाता है.

घाव में कीड़े होने के कारण 

घाव होने पर जब हम उस घाव की ड्रेसिंग नहीं करवाते व उसे खुला छोड़कर रखते है तो उस पर कई मक्खिया आकर बैठती है. ऐसे में मक्खियां उस घाव अपना लार्वा छोड़ जाती है, फिर वह लार्वा घाव में जाकर कीड़े का रूप ले लेता है. इस तरह धीरे-धीरे वह घाव के अंदर के मांस को खाने लगते है जिससे रोगी को दर्द भी होता है. अगर इस बिच मक्खियों को उस घाव पर बैठना नहीं रोका जाए तो कीड़ो की संख्या और बढ़ती जाती है.

तारपीन का तैल हर तरह के कीड़े मारने में उपयोगी होता है, यह लड़की के कीड़े, जानवर के कीड़े और इंसान के घाव के कीड़े सभी को ख़त्म कर देता है. इसके लिए तारपीन का तैल खरीद कर लाये और एक रुई के टुकड़े को तारपीन के तैल में हल्का सा डुबोकर घाव पर रख दें. तारपीन के तैल की बदबू से वह कीड़े बाहर निकल जायेंगे व मर जायेंगे. यह बहुत ही प्राचीन तरीका है जिससे हर तरह के घाव के कीड़े मारे जाते है.

  • कार्बोलिक एसिड : रुई के टुकड़े में कार्बोलिक एसिड मिलाकर घाव पर रखने से कीड़ो को सांस लेने में परेशानी आती है जिससे वह घाव के बाहर निकलने लगते है. ऐसे में आप रुई या किसी चिमटे की मदद से उन कीड़ों को घाव से बाहर निकाल सकते है.
  • गुड़ और तारपीन के तैल को रुई में भिगोकर वह रुई घाव पर रखने से भी कीड़े बाहर आ जाते है, फिर इन्हे चिमटे से निकाला जा सकता है.
  • हल्दी का उपयोग भी इसमें किया जा सकता है, हल्दी का लैप बनाये और इसे घाव पर लगाए तो इससे भी कीड़े ख़त्म हो जाते है. हल्दी का सबसे आसान उपाय है जो की कीड़ो को आसानी से ख़त्म कर देता है.
  • इसके अलावा सरसों के तैल को भी अगर घाव पर रोजाना लगाया जाए तो इससे भी कीड़े मर जाते है.
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आयुर्वेद एक असरकारी तरीका है, जिससे आप बिना किसी नुकसान के बीमारी को ख़त्म कर सकते है। इसके लिए बस जरुरी है की आप आयुर्वेदिक नुस्खे का सही से उपयोग करे। हम ऐसे ही नुस्खों को लेकर आप तक पहुंचाने का प्रयास करते है - धन्यवाद.