कान दर्द को जड़ से ख़त्म करने के 10 उपाय और इलाज : देसी दवा

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कान दर्द का इलाज की दवा इन हिंदी में हम आपको ऐसे तरीके बताएंगे जिनकी प्रयोग से कुछ मिनटों में आपका दर्द दूर हो जायेगा. इसे कर्णशूल भी कहते है, इस रोग से पीड़ित रोगी रात को चैन की नींद भी नहीं सो पाता है. कानो की सफाई नहीं करने और धूल मिटटी के भीतर जाने से किसी को भी यह परेशानी पैदा हो सकती है.

अक्सर तालाब या घर पर ही नाहते वक्त कानों में पानी चला जाता है जो की इस रोग की जड़ बनता है. कान में फुंसी हो जाने पर भी यह बहुत दर्द करता है ऐसे में कई रोगी अंग्रेजी दवा भी लेते है लेकिन यह लम्बे समय के लिए ठीक नहीं होती. होमियोपैथी या एलॉपथी की दवा, टेबलेट, मेडिसिन के बदले आप यहाँ बताये जा रहे नुस्खे व आयुर्वेदिक उपाय के जरिये भी इससे छुटकारा पा सकते है ear pain treatment tips in Hindi at home.

कान दर्द के कारण

  • ज्यादा मेल जमा होने के कारण
  • Kaan में किसी वस्तु डालने से
  • अंदर फुंसी हो जाने के कारण
  • पीव निकलना
  • पानी चले जाने के कारण
  • कफ रोग के कारण
  • दांतो के रोग के कारण
  • दांत निकलवाने से
  • तो अब आपने जान लिया की कान में दर्द क्यों होता है अब इसके लक्षण जानिए.

कान के दर्द के लक्षण

शुरू में हल्का सा दर्द होता है फिर धीरे-धीरे तेज हो जाता है. कानों में फुंसी हो तो उसके पकने तक बहुत दर्द होता है. फुंसी पककर फूटने पर दर्द कम हो जाता है. अधिक तेज गर्म खाने से आदि कानों में टिस उठने जैसा दर्द पैदा होता है.

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कान दर्द का घरेलू उपचार की दवा और उपाय

Kan Dard Ka ilaj in Hindi

  • 1. बाबा रामदेव कान के अंदर फुंसी है व दर्द है तो आप पतंजलि का कायाकल्प तेल अपने कानो के अंदर डाल सकते है. एक एक गोली कायाकल्प वटी व गिलोय घनवटी की सुबह शाम भोजन करने के बाद खाये. यह कान दर्द की मेडिसिन है की तरह है जो की आयुर्वेदिक है व पतंजलि स्टोर पर आसानी से प्राप्त की जा सकती है.
  • 2. कान के दर्द में शिलाजीत रसायन, चन्द्रप्रभा वटी, सारीवादी वटी इन सभी की एक-एक गोली सुबह शाम भोजन करने के बाद पानी के साथ लें और रोजाना कपालभाति प्राणायाम करे तो इससे कान का पर्दा ठीक हो जाता है, सालो पुराने परदा भी सही हो जाता है. यह सभी आयुर्वेदिक दवाई आपको पतंजलि के स्टोर से आसानी से प्राप्त हो जाएंगी.
  • 3. जिनको सिर्फ कान दर्द है वह सुदर्शन जो की एक पौधा होता है उसका अर्क कान में डाले तो तुरंत ही दर्द से छुटकारा मिलता है. इसके अलावा सुदर्शन पौधा के पत्ता लेकर उसे आग पर सेंक लें और फिर उसे दबाकर (निचोड़कर) उसके अंदर का रस निकाल कर कानों में डाले तो यह भी कान दर्द का उपचार करता है.
  • 4. जिनको लम्बे समय से कानों की समस्या है कम सुनाता हो आदि तो उनको रोजाना नाहने से पहले 1-2 बून्द सरसों के तेल को हल्का गर्म कर के कान में डालना चाहिए, इससे सुनने की क्षमता भी बढ़ती है और कानों की सफाई भी होती है.
  • 5. कान दर्द दूर करने के लिए गेंदे के फूल के पौधे की पत्तियों को बारीक़ पीस ले व पेस्ट की तरह बना लें, अब इसमें जरा सा पानी मिलाकर इस पेस्ट को थोड़ा पतला कर लें. अब 2-3 बून्द इस पेस्ट की अपने कानों में डालकर 5-10 मिनट के लिए जिस कान में दर्द हो उसे ऊपर की और रखते हुए सो जाए.
  • 6. राजीव दीक्षित जी ने कहा है की कुवारी गाय का मूत्र 1-2 बून्द डाले, इसको रोजाना सुबह शाम करने से हर तरह का कान का रोग जड़ से ख़त्म हो जाता है. यह कान के दर्द को दूर करने का उपाय स्वयं राजीव दीक्षित जी द्वारा बताया गया है.
  • 7. बच्चों के कान दर्द के लिए सरसों का तेल या नारियल का तेल दोनों में से एक ले और इसमें थोड़े मेथी दाने मिलाकर आग पर गर्म कर लें, फिर जब यह ठंडा हो जाये तो 2 बून्द कानों में डाल दें इससे कान के दर्द से तुरंत राहत मिल जाती है.
  • 8. कान का कचरा निकालने के लिए, कानों में पिप, पूय, फुंसी व दर्द आदि से छुटकारा पाने के लिए आने ही मूत्र की 2-3 बूंदे कानों में डाले तो कान के हर प्रकार के रोग में पूरा लाभ मिलता है, कान में कनखजूरा चले जाने पर भी अपने पेशाब को डालकर उसे बाहर निकाला जा सकता है.

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9. छोटी हरड़ – 10 ग्राम, सौंफ – 20 ग्राम, काला नमक 20 ग्राम, अजवाइन – 20 ग्राम, मेथी के बीज – 20 ग्राम. इन सभी को बारीक कर के पीस ले और छानकर चूर्ण बना लें एक चाय की चम्मच भर चूर्ण दिन में तीन बार गर्म पानी के साथ सेवन करे. यह रामबाण इलाज है सब घरेलु उपचार करने के बाद भी आराम न हो तो इसे जरूर कर के देखें.

10. कान दर्द की दवा है यह तरीका भी 8-10 कली लहसुन की लें, 30 ग्राम सरसो तेल और 1 ग्राम अफीम ले. इन सभी को आपस में मिलाकर तवे या कढ़ाई में रखकर तब तक पकाये जब तक की लहसुन जल न जाए फिर इस तेल को छान लें वो 2-3 बून्द कानों में डाल दें तो तुरंत छुटकारा मिलता है.

अन्य उपाय :

  • कान दर्द का इलाज में आयुर्वेदिक उपाय है नीम : नीम के पत्तो को पानी में डालकर अच्छे से उबाले और इसकी भाप का बफारा कानों को देने से मेल निकल जाता है और दर्द में भी बहुत आराम मिलता है. इसके अलावा नीम के तेल को कान में डालने से भी कान दर्द से छुटकारा मिलता है.
  • सर्दी व ठण्ड के वजह से दर्द कर रहा हो तो लहसुन के रस को गुनगुना करके 2 बून्द कान में डाले.
  • कान में से पूय निकलने पर नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से कानों को धोये व साफ़ करे फिर हल्दी के तेल को कान में पूय की जगह पर लगाए तो संक्रमण या रोग को बढ़ने से रोका जा सकता है.
  • सफ़ेद प्याज के रस में शहद मिलाकर रोजाना सुबह खाली पेट होने पर 10-12 दिनों तक चाटने से दर्द जड़ से चला जाता है.
  • अदरक का रस निकाल कर उसे हलकार गर्म करके कानों में 3-4 बूंदे डाले तो इसे उपाय से भी कानों के हर रोग में पूरा आराम मिलता है.

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 कान का दर्द से बचने के उपाय

  • कान दर्द में पतंजलि की दवा का सेवन भी कर सकते है
  • रोजाना कान साफ़ करे
  • कान साफ़ करने के लिए कई वास्तु आती है, आप उन्ही का प्रयोग करे.
  • किसी भी चीज को कानों में डालने से और नुकसान होता है इसलिए सिर्फ उन्ही वास्तु का प्रयोग करे
  • नाहते वक्त कानों में पानी न जाए इसका ध्यान रखे
  • कानों में पानी चले जाने पर जिस कान में पानी चला गया हो उसे निचे की तरफ रख कर आधे एक घंटे सोते रहे
  • बताये गए कान दर्द के घरेलु नुस्खे और उपाय का नियमित प्रयोग करे
  • इस पोस्ट का पिछले पेज भी जरूर पड़ें, वहां परदे और दर्द के बारे में बताया है.
  • पिछला पेज

दोस्तों आप यहां दिए गए उपायों को नियमित रूप से रोजाना करे तो जल्द ही आपको इस समस्या से छुटकारा मिल जायेगा. बाकी अगर आपको ज्यादा ही तकलीफ हो रही हो, तेज दर्द हो रहा हो तो डॉक्टर से जरूर मिले. कई बार व्यक्ति दांतो को गलत तरीके से निकलवा लेते है उससे भी यह कान की नसें प्रभावित होती है.

इस तरह आप कान दर्द का घरेलू उपचार के उपाय और दवा kan dard ilaj in Hindi के इन सभी नुस्खों के प्रयोग से आपको बहुत ही लाभ होगा और इस बिच कान में कुछ न डाले बाकी यह नुस्खे दवा से भी ज्यादा असर करेंगे.

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आयुर्वेद एक असरकारी तरीका है, जिससे आप बिना किसी नुकसान के बीमारी को ख़त्म कर सकते है। इसके लिए बस जरुरी है की आप आयुर्वेदिक नुस्खे का सही से उपयोग करे। हम ऐसे ही नुस्खों को लेकर आप तक पहुंचाने का प्रयास करते है - धन्यवाद.