टीबी का होम्योपैथिक इलाज और जानकारी (Tb ki Medicines)

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टीबी (tb) का होम्योपैथिक इलाज और कुछ सुझाव : टीबी का रोग काफ बढ़ रहा है, इसे क्षय रोग भी कहते है. यह शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाता है और पुरे शरीर को कमजोर कर देता है. यह रोग ज्यादातर मजदुर लोगों में देखा जाता है, क्योंकि वह धूल से भरे वातावरण में काम करते है आदि. यह रोग जेनेटिकली भी होता है, इसके अलावा छुआछूत से भी यह रोग फैलता है.

होमियोपैथी में टीबी का इलाज दवा देकर किया जाता है. इस रोग में जैसा की आप भी जानते होंगे खांसी बहुत चलती है, व्यक्ति खांस-खांसकर परेशान हो जाता उसके फेफड़े ढीले हो जाते है. उसका शरीर पूरा जीर्ण पतला हो जाता है. यह छुआछूत का रोग है इसलिए लोग आपसे दुरी बनाकर रखने लगते है, आपके पास नहीं आते, आपको झूठा नहीं खाते, आप बोलते है या खांसते है तब वह मुंह पर रुमाल रख लेते है आदि बहुत दुखदाई रोग होता है.

Homeopathic Medicine For Tuberculosis in Hindi

Tb टीबी का होम्योपैथिक इलाज और दवा

tb in hindi

ट्यूबरक्युलिनम 200, 1M – यह टीबी की महत्वपूर्ण दवा होती है, टीबी चाहे शुरूआती हो या गंभीर इसे सभी स्थितियों में दिया जा सकता है. जितने ज्यादा आपमें टीबी के लक्षण दिखाई पढ़ रहे हो उतनी ही मात्रा में इस दवा का सेवन करे. जैसे कम लक्षण है तो कम दवा ले और ज्यादा लक्षण है तो ज्यादा दवा खाये.

बैसिलिनम 200, 1M – यह TB की मेडिसिन भी उतनी ही जरूर है जितनी ऊपर बताई गई मेडिसिन है, इसे जो लोग ठन्डे मौसम में रहते हो, जहाँ ज्यादातर मौसम ठण्ड का रहता है उनको दी जाती है.

कैल्केरिया करब 30 – अगर आपको खांसी में मवाद, खून निकल रहा हो, हरे रंग का कफ निकल रहा हो, ठंडी हवा बर्दाश्त नहीं होती हो, आप मोटे है तो इन लक्षणों में यह homeopathic medicine दी जाती है.

फॉस्फोरस 200 – खुली हवा में घूमने से यह रोग और बढ़ता है. मधुमेह या फिर बवासीर के कारन से टीबी हुआ है, या आपक लम्बी छोड़ी छाती के व्यक्ति है इन सभी लक्षणों में यह दवा देना उपयुक्त होती है.

एकलीफ़ा इंडिका 30, 200 – टीबी रोग के साथ में तेज खांसी भी चलती है, खांसी के साथ खून भी निकलता है, कभी-कभी काला खून भी निकलने लगता है तो ऐसे में यह होम्योपैथिक दवा रोगी को देना चाहिए इससे यह सभी परेशानियां ख़त्म हो जाती है.

काली नाइट्रेट 30, 200 – खूब तेज खांसी होना, बार बार खांसी का दौरा आना, शरीर में सूजन होना, पाचन शक्ति बिगड़ जाना आदि ऐसा हो रहा है तो आप टीबी की होम्योपैथिक की दवा में इसका सेवन कर सकते हैं.

कार्बोनियम सेल्फ 200 – जो लोग कोयले की खदानों में कार्य करते है और उन्हें टीबी रोग हुआ है व ऐसी खांसी होती हो की जिससे रोगी खांस खांसकर थक जाता हो तो ऐसे में यह दवा दी जाती है.

यह सभी दवा होमियोपैथी में दी जाती है, इन के जरिये टीबी का होम्योपैथिक इलाज कर सकते है.

साधारण और Bone Tb ठीक होने का समय

टीबी कैसी ही हो, किसी भी तरह की हो वह 9 महीने से लेकर एक डेढ़ साल तक का समय ले सकती है. यह इस पर भी निर्भर करता है की आपका रोग कितना फैला है और आपकी तबियत कैसी है. अगर आप पूरी तरह से टीबी रोग से प्रभावित नहीं है तो यह कम समय में भी ठीक हो जाता है. इस रोग में परहेज जरुरी होते और नियम से दवा गोली लेना भी बेहद जरुरी होता है.

जिससे Tb न हो और वह TB की दवाई ले तो क्या होगा

अगर किसी व्यक्ति को टीबी रोग नहीं है और फिर भी वह टीबी की मेडिसिन्स लेता है तो इससे नुकसान होते है. अगर आपने गलती से दवा ले ली है तो इससे कोई नुकसान नहीं होता लेकिन अगर आप लम्बे समय तक टीबी की टेबलेट्स का रोजाना एक रोगी तरह सेवन करते है तो यह साइड इफेक्ट्स कर सकती है. इसलिए अगर आप टेबलेट्स ले रहे है तो ऐसा करना बंद कर दें. क्योंकि शरीर को उन दवाओं की कोई जरूरत नहीं और ऐसे में आप अगर जबरदस्ती ही ऐसी दवा लेंगे तो यह शरीर को नुकसान करेंगी.

क्या Tb का patient घर के काम कर सकता है

टीबी का पेशेंट घर के सारे काम कर सकता है, अगर वो चाहे तो लेकिन जैसा की हमने बताया टीबी एक छुआछूत का रोग होता है. ऐसे में बहुत ज्यादा चांसेस होते है की जब टीबी का पेशेंट खाना बनाये आदि काम करे तो उसके खांसने या छींकने से टीबी का वायरस खाने पानी में चला जाए और फिर घर के लोग उस खाने को खाये तो उन्हें भी टीबी हो जाती है.

इसीलिए टीबी के रोगी को अलग कमरे में रहने की सलाह दी जाती है और बेहतर होगा वो कोई काम नहीं करे. ऐसा करने से वह जल्दी ठीक भी होगा और घर के सदस्यों को टीबी होने का खतरा भी नहीं होगा. जब टीबी का वायरस किसी दूसरे व्यक्ति के शरीर में पहुंचता है तो वह एक दम असर नहीं करता धीरे-धीरे कुछ सालों में वह उस दूसरे व्यक्ति के शरीर में लक्षण दिखाने लगता है और फिर उसे घेर लेता है. इसलिए आप यह न समझे की छुआछूत से टीबी वगैरह नहीं होता.

Tb के patient को government की तरफ से क्या help है

टीबी के रोगी के लिए भारत सरकार कई मदद करती है, वह रोगी की दवाइयां भी मुफ्त में देती है और ऊपर से जब तक रोगी का इलाज चलता है तब तक के लिए उसे पैसे भी देती है. भारत में टीबी के बहुत से मरीज है और यह सभी मरीज गरीब व असमर्थ परिवार से है इसलिए भारत सरकार ने यह योजना शुरू की. सरकार टीबी के मरीज को 500-1000 रुपए एक महीने के देती है, और बाकी जो भी इलाज का खर्च होता है वह सब मुफ्त में देती है.

इस मदद (Tb patient scheme) का लाभ उठाने के लिए अपने नजदीकी govt हॉस्पिटल में जाए और वहां पूछताछ काउंटर पर जाकर टीबी के बारे में जानकारी प्राप्त करे. इस योजना का लाभ उठाने के लिए आधार नंबर और बैंक अकाउंट की जरूरत पड़ती है, सरकार सीधे आपके बैंक में पैसे भेजती है.

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