टाइफाइड के लक्षण और कारण : Typhoid Symptoms in Hindi

typhoid ke lakshan, typhoid symptoms in hindi
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अंदरूनी बुखार नई पुरानी टाइफाइड के लक्षण और कारण व उपचार इन हिंदी : इसे आम भाषा में हम मियादी, मोतीझरा भी कहते हैं, यह भारत का आम बुखार हैं जो की हर एक व्यक्ति के जीवन में उसे एक न एक बार जरूर होता हैं. एक बार यह टाइफाइड बुखार किसी व्यक्ति को हो जाए तो फिर उसका शरीर पहले जैसा नहीं रह जाता. उस शरीर की कार्य प्रणाली बहुत कमजोर हो जाती हैं.

  • इस पोस्ट को आप पूरा निचे तक पड़ें, जल्दबाजी न करे.

Doctor’s & Experts ऐसा कहते हैं की एक बार किसी को टाइफाइड हो जाए तो फिर उसका शरीर ज्यादा प्रगति नहीं कर पाता. इसका यह खतरनाक असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पढता हैं, क्योंकि उनके शरीर की Growth अभी बाकी रहती हैं, वह प्रगतिशील रहती है और अगर ऐसे में उन्हें यह टाइफाइड हो जाए तो फिर उस बच्चे का शरीर फिर तेजी से नहीं बढ़ पाता, जिंदगी भर उसके शरीर में हलकी कमजोरी सी रहती हैं. उसको अच्छी सेहत बनाने में बड़ी परेशानी आती है. यहां हम आपको typhoid  symptoms in Hindi और prevention में पूरी detail में बताएंगे जिसके जरिये आप बड़ी आसानी से अपने शरीर में लक्षण है या नहीं यह जान सकेंगे. इसके कारण के बारे में जानिए.

हमारी आम भाषा में अगर टाइफाइड की परिभाषा कही जाए तो वह ऐसी होगी – सामान्य बुखार के आने पर उसकी ठीक से देखभाल व इलाज न करवाने से बुखार बिगड़ जाता हैं. यह “बुखार बिगड़ जाना” ही टाइफाइड की परिभाषा हैं.

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टाइफाइड फीवर हर साल कई लोगों को मौत के मुंह में पहुंचा देता हैं. क्योंकि ज्यादातर बुखार के मरीज इसे आम बुखार समझ कर टालते रहते हैं. वह टाइफाइड बुखार में लक्षणों को पहचान नहीं पाते. क्योंकि इसके के लक्षण आम बुखार की तरह ही होते हैं बस इसमे थोड़ा बहुत फर्क होता हैं. जिसे अधिकतर रोगी समय पर पहचान नही पाते और फिर इसके इलाज में देरी कर देते हैं. इसी वजह से उनका बुखार और ज्यादा serious हो जाता हैं. फिर बाद में उन्हें इससे छुटकारा पाने के लिए ज्यादा दुःख उठाना पड़ता हैं.

टाइफाइड के लक्षण क्या है और कारण

Causes & Typhoid Symptoms in Hindi

  • अब हम जानने की कोशिश करते हैं की टाइफाइड क्यों और किस वजह से होता हैं

टाइफाइड होने का कारण Causes Of Typhoid Fever

  • टाइफाइड फीवर Salmonella typhi bacteria के infection से होता हैं. यह बैक्टीरिया शरीर की आंतों में सूजन पैदा कर देता हैं. इससे शरीर में ज्यादातर आंत्र ज्वर अंदरूनी बुखार बना रहता हैं. Salmonella typhi bacteria सिर्फ मानव शरीर को ही प्रभावित कर सकता हैं यह किसी भी जानवर के शरीर को प्रभावित नहीं कर सकता.
  • यह बैक्टीरिया हमारे मुंह के जरिये शरीर में प्रवेश करता हैं फिर यह कुछ दिनों तक Intestine में रहता हैं इसके बाद intestinal wall और bloodstream में पहुंच जाता हैं. यहां पर पहुंचने के बाद यह अपना असर दिखाना शुरू कर देता हैं सबसे पहले यह भोजन प्रणाली को प्रभवित करता हैं फिर धीरे-धीरे पुरे शरीर को प्रभावित करने लगता हैं.

Salmonella Typhi bacteria हमारे शरीर में कहां से आता हैं

  1. गन्दा पानी पिने से – ज्यादा दिन का रखा हुआ पानी या दूषित, कुवे का पानी पिने से यह Virus हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता हैं.
  2. खराब भोजन करने से – ज्यादा दिन का या भोजन को खुले में रखने पर उसका सेवन करने से भी यह बैक्टीरिया हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता हैं.
  3. यात्रा करते समय – जब हम कहीं यात्रा (Tour) पर जाते हैं तो वहां हमें मज़बूरी में जैसा भी पानी व खाना मिल जाए उसे खाना पढता हैं, तो ऐसी स्थिति में भी यह बैक्टीरिया हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता हैं.
  4. सामान्य बुखार सर्दी जुकाम की देखभाल न करने पर – सर्दी, खांसी व सामान्य बुखार के आने पर इनकी सही से देखभाल न करने पर यह बैक्टीरिया शरीर पर हावी हो सकता हैं. (ज्यादातर लोगों को इसी कारण से टाइफाइड बुखार आता हैं)
  5. बीमार व्यक्ति का झूठा पानी पिने से – किसी रोगी का झूठा पानी और झूठा भोजन करने से भी टाइफाइड हो सकता है. (इसलिए टाइफाइड बुखार को छुअछुआद रोग में भी गिना जाता हैं)
  • बार बार बुखार आना और दवाई का पूरा कोर्स न लेना – (typhoid common causes) यह सबसे आम कारण हैं ज्यादातर मरीज सर्दी जुकाम या सामान्य बुखार के आने पर डॉक्टर को तो दिखा लेते हैं लेकिन डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों के कोर्स को पूरा नहीं लेते. आराम मिलते ही वह इसे लेना बंद कर देते हैं.
  • लेकिन यह बहुत खतरनाक होता हैं, क्योंकि इतने जल्दी सर्दी जुकाम या बुखार के बैक्टीरिया पूरी तरह से खत्म नहीं हुए होते और ऐसी अवस्था में दवाई लेना बंद कर देना यानी उन बैक्टीरिया को फिर अपनी और आकर्षित करना होता हैं. इसलिए चाहे कोई सा भी रोग हो उसका पूरा course लेना चाहिए.

यह होते है लक्षण, ऐसे पहचाने टाइफाइड बुखार

Bacteria के शरीर में पहुंचने के बाद 6 से 20 दिनों के अंदर यह symptoms लक्षण दिखाने लगता हैं. टाइफाइड का बुखार बहुत तेज होता हैं इसमे मरीज को ज्यादातर समय हल्का धीमा बुखार बना रहता हैं और समय समय पर यह मरीज पर तेज बुखार के रूप में भी आता हैं (104 degrees Fahrenheit). अब हम आपको typhoid fever के common symptoms के बारे में बताते हैं निचे पढ़िए टाइफाइड होने के लक्षण व पहचान :

  • भूख बहुत ही कम लगने लगती है (भूख का एहसास ही नहीं होता)
  • पेट में दर्द होना
  • सर दर्द होना, जी मचलना
  • पुरे शरीर में थकान सी महसूस होना
  • शरीर के अंगों का दर्द करना
  • 104 degrees का बुखार आना
  • ज्यादातर शरीर गर्म रहना
  • आंतों में खून आना (यह लक्षण टाइफाइड की उची अवस्थ में होता हैं)
  • मन घबराना, जी नहीं लगना
  • दस्त और कब्ज होना
  • उजाले से परेशानी होना

First Stage में धीमा बुखार आने लगता हैं, और ज्यादातर समय पर शरीर गर्म रहने लगता हैं. सरदर्द, बदन दर्द, पेट दर्द जैसे लक्षण भी होने लगते हैं.

Second Stage में मरीज का बुखार और बढ़ जाता हैं अब उसे 40 डिग्री से लेकर 104 डिग्री तक बुखार आने लगता हैं. और उसे अपना शरीर बहुत कमजोर महसूस होने लगता हैं, शरीर आलस्य से भर जाता हैं.

Third Stage में मरीज की सेहत और ख़राब हो जाती हैं. तेज बुखार, बहुत ही ज्यादा शारीरिक कमजोरी, 24 घंटे आंत्र ज्वर बना रहना, स्वांस लेने में दिक्कत आना, Intestine से खून आना आदि. इस अवस्था में मरीज की सेहत बहुत खराब हो जाती हैं. और ऐसे में उसके शरीर पर कई तरह की शिकायतें होने लगती हैं.

बेहतर यही होगा की आप Third Stage में न आये और इससे पहले ही मेडिकल ट्रीटमेंट करवा लें.

लक्षण दिखने व टाइफाइड होने पर क्या करे

Medical Cure of Typhoid Fever

जब आपको बताये गई typhoid symptoms अपने शरीर पर नजर आने लगे तो तुरंत ही अपने नजदीकी डॉक्टर को दिखाए. वह आपके खून या पेशाब की जांच करवाएंगे जिससे यह साफ़ हो जायेगा की आपके शरीर में टाइफाइड बुखार हैं या नहीं. फिर Doctor Blood Or Urine taste report के मुताबिक आपको एंटीडोट्स देंगे जिनके जरिये आप कुछ सप्ताह में ठीक हो जायेंगे.

एक बात याद रखे – किसी भी बुखार में डॉक्टर को दिखाने में देरी कभी न करे, नहीं तो आपकी सेहत और भी बिगड़ती जायेगी और फिर आखिर में आपको डॉक्टर के पास तो जाना ही पड़ेगा इसलिए बेहतर यही होगा की ज्यादा तबियत बिगड़ने से पहले ही डॉक्टर से Checkup करवा लिया जाये.

  • टाइफाइड में मुनक्का का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता हैं. इसके साथ ही फलो का रस अनार, संतरे, अंगूर, सेब आदि का सेवन किया जा सकता हैं.

टाइफाइड से बचाउ Typhoid Prevention

  1. साफ़ पानी पिए
  2. टाइफाइड फीवर तब तक आराम करे जब तक आप पूरी तरह ठीक न हो जाए
  3. दवाई लेने के बाद कंबल ओढ़कर सो जाए और शरीर में अच्छी तेज गर्मी आने दे
  4. किसी भी तरह के रोगी का झूठा पानी न पिए
  5. समय पर शौच जाए
  6. हल्का भोजन करे, और ज्यादातर फलों का रस पिए
  7. डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों का पूरा Course लें, नई पुरानी.
  • इस पोस्ट का अगला पेज भी जरूर पड़ें, उसमे आयुर्वेदिक इलाज के बारे में पूरी जानकारी व उपाय बताये गए. जरूर पड़ें – NEXT PAGE

उम्मीद करते हैं दोस्तों टाइफाइड के लक्षण और कारण क्या है symptoms of typhoid in Hindi पढ़कर आपको बहुत अच्छा लगा हो. बताई गई सभी बातों को आप पूरी तरह से ध्यान में रखे. और जब भी आपकी तबियत खराब होने लगे तो देखें की कहीं आपके शरीर में टाइफाइड के लक्सण तो नजर नही आ रहे न. इसके इलाज के लिए हमे और भी पोस्ट लिखे है उनको पड़ें.

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