सिर्फ 3 उपाय जड़ से करे 100% वायरल बुखार का इलाज

viral bukhar ka ilaj, viral bukhar ka ilaj in Hindi, viral fever ka treatment in hindi
Sending
User Review
5 (1 vote)

वायरल बुखार का इलाज के उपाय और नुस्खों में हम यहाँ पर आपको ऐसे आयुर्वेदिक उपचार के बारे में बताने वाले है जिनको आजमाकर आप सभी तरह के viral fever यानी संक्रमण से जुडी बिमारियों से बचे रह सकते है. मलेरिया, टाइफाइड, पीलिया आदि इन सभी से आप इन घरेलु नुस्खे को आजमाकर बच सकते है. यह किसी भी वायरल बुखार की दवा से ज्यादा प्रभावकारी होते है, अगर हम इनका ठीक से सेवन करे तो यह बिना नुकसान दिए ढेरों लाभ करते है.

हम यहां पर वायरल बुखार क्या और क्यों होता है इसका इलाज कैसे करे बताएंगे, आप इस पूरी जानकारी को आराम से आखिरी तक पड़ें. अगर आप यहां दिए जा रहे वायरल बुखार उतारने के उपायों को आजमाते है तो आपको viral fever तो दूर सामान्य बुखार भी नहीं आएगा.

क्योंकि आज के दौर में मौसम का परिवर्तन बहुत जल्दी हो जाता है जिसको हमारा शरीर एडजस्ट नहीं कर पाता, तो हम आपको वही चीजे बताने वाले जो आपके शरीर को मजबूत करेगी और ऐसे वायरल बिमारियों से दूर रखेगी तो आइये जानते है (ilaj) viral fever ka treatment in Hindi home भाषा में.

Viral Bukhar Ka ilaj Ke Upay

वायरल बुखार क्यों आता है

  • कहने को तो viral fever मौसम में बालव, तापमान में बदलाव और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कीटाणु पहुँचने के कारण से आता है, लेकिन असल में इसकी वजह है “कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता” जी हां, जिन भी व्यक्तियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होगी उनको जरा से मौसम में बदलाव होने के कारण से वायरल फीवर हो जाता है, इसलिए बार बार बुखार भी आने लगती है.
  • यह बहुत खतरनाक होता है, ऐसे में शरीर बहुत ही कमजोर हो जाता है. ऐसे व्यक्ति की अच्छी सेहत नहीं बन पाती. तो यह था सबसे बड़ा कारण जो की वायरल फीवर को जन्म देता है आइये अब जानते है इसके लक्षणों के बारे में फिर हम वायरल फीवर का इलाज करने के उपाय के बारे में जानेंगे.
वायरल बुखार के लक्षण क्या है ?
जब किसी भी व्यक्ति को वायरल फीवर होता है तो उनमे यह लक्षण दिखाई देने लगते है, गले में दर्द, सिर में दर्द, थकान महसूस होना, जुकाम होना, उलटी होना या उलटी जैसा मन होना, दस्त लगना आदि यह वायरल फीवर के लक्षण है. चलिए अब “viral bukhar ke ilaj में सबसे बेहतरीन और असरदार आयुर्वेदिक उपचार के बारे में जानते है जिसकी मदद से हम वायरल बुखार से छुटकारा पा सकते है.
कई लोगों ने हमसे पूछा है की “वायरल बुखार कितने दिन तक रहता है ? तो हम उन्हें बताना चाहेंगे की यह फीवर एक सप्ताह से दो सप्ताह तक रहता है. अगर समय पर ट्रीटमेंट करवा लिया जाए तो यह एक सप्ताह के अंदर ही ठीक हो जाता है. वैसे सामान्यतः ट्रीटमेंट करवाने के 4-5 दिन के अंदर यह ठीक हो जाता है.

Viral Fever Ka Treatment in Hindi

viral bukhar ka ilaj, viral bukhar ka ilaj in Hindi, viral fever ka treatment in hindi

#1.

तुलसी, यह एक ऐसा पौधा है जिसमे वायरल यानी संक्रमण से लड़ने की अद्भुत क्षमता होती है. अगर हम इसका काढ़ा बनाकर पिए तो सामान्य और वायरल दोनों तरह के बुखार उतारे जा सकते है.

इसके लिए सबसे पहले एक-डेढ़ चम्मच लौंग का चूर्ण लें और इसके साथ ही 15-20 तुलसी के ताजा पत्ते तोड़कर लाये अब इन दोनों को एक लीटर पानी में डालकर अच्छे से उबाले. इन्हे तब तक उबालते रहे जब तक की यह एक लीटर पानी आधा न रह जाए. फिर आप इसे छानकर ठंडा होने दें और एक घंटे की गैप में इसे थोड़ा -थोड़ा करके पीते रहे.

इसे आप रात को सोते समय जरूर पीकर सोये, अगर आप एक घंटे की गैप में इसका सेवन नहीं कर सकते तो एक दिन में तीन बार इसका सेवन करे यानी सुबह, शाम और रात इस तरह इसका उपयोग करे. और याद रहे इसको सेवन करने के आधे घंटे बाद तक पानी न पियें.

वायरल बुखार का जड़ से उपचार करे
अगर आपको बार बार बुखार आती है, मौसम बदलने पर सर्दी जुकाम हो जाती है तो आप रोजाना एक नियम बनाये और रोजाना सुबह उठने के बाद खाली पेट ही 4-5 तुलसी के पत्ते तोड़कर खाये और फिर पानी पि ले इसको खाने के बाद 15-20 मिनट तक कुछ भी न खाये पियें.

अगर आप ऐसा करते है तो आपको किसी भी तरह की बीमारी नहीं होगी, किसी भी तरह का संक्रमण आपको बीमार नहीं कर सकेगा. क्योंकि आपकी रोग-प्रतिरोधक शमता बहुत मजबूत हो जाएगी, फिर न सर्दी और न जुकाम कुछ भी नहीं होगा. वायरल फीवर का उपाय में इससे बेहतर कोई दवा नहीं होगी.

#2.

अदरक और हल्दी का उपयोग करे. अदरक और हल्दी दोनों में एंटी गुण होते है जो की संक्रमण से लड़कर उन्हें शरीर से बाहर करते है. यह किसी आयुर्वेदिक दवा से कम असर नहीं करते. इसके लिए आप 1 चम्मच काली मिर्च, एक चम्मच हल्दी और एक चम्मच सोंठ का पाउडर, (सोंठ : सूखे हुए अदरक को सोंठ कहते है) अब इन तीनो चीजों को एक कप पानी में डालकर उबाले इसमें जरा सी चीनी भी डाल दें. जब यह उबालकर आधा रह जाए तो इसे ठंडा करके पि लें. यह शरीर में मोजूब वायरल कीटाणुओं को मारता है और रोगी को आराम देता है.

वायरल बुखार की दवा के जैसे घरेलु नुस्खे

#3.

धनिया की चाय पियें, धनिया की चाय में भी वायरल बुखार के कीटाणुओं से लड़ने की क्षमता होती है, इसके लिए आप धनिया की चाय बनाकर पियें तो आपको स्वाद भी मिलेगा और सेहत भी मिलेगी. इसके अलावा आप अदरक या तुलसी के पत्तों की चाय भी बनाकर पि सकते है यह आपको अच्छा एहसास दिलाएंगी. जिससे आपक मन अच्छा होगा और वायरल बुखार का असर कम होगा.

इसके अलावा आप फलों का सेवन करे, सेब खाये, अंगूर खाये और मुनक्का खाये. मुनक्का सभी तरह के बुखार में बहुत फायदा करते है. इसलिए आप मुनक्का का सेवन जरूर करे यह कमजोरी दूर करते है और कीटाणुओं को भी ख़त्म करते है. इस बिच भोजन में हल्का आहार लें, दूध पियें और बिना तली भुनी चीजे खाये जिससे आप जल्दी ठीक हो जायेंगे.

तो यह थे वो घरेलु उपाय जिनके उपयोग से रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और फिर यह क्षमता वायरल फीवर से लड़कर उसे शरीर से बाहर कर देती है. आप तुलसी के काढ़े का सेवन जरूर करे और बुखार ठीक होने के बाद आप रोजाना तुलसी के पत्ते खाना न भूले यह आपको कभी बीमार नहीं होने देगा इसलिए इसका एक नियम बना लें.

उम्मीद करते है आपको यह वायरल बुखार का इलाज की दवा इन हिंदी, viral fever ka treatment in hindi के बारे में पढ़कर अच्छा लगा होगा, हमने यहाँ पर आपको रामबाण उपचार करने वाले नुस्खे बताये है आप इनका सेवन जरूर करे साथ ही हमने ऐसे ही सभी तरह के बुखार के बारे में जानकारी दी है आप उन्हें भी पड़ें ताकि आपको सभी मालूम हो जाए. अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों तक जरूर पहुंचाए और SHARING BUTTONS पर क्लिक करके इसे SHARE करे.

अगर सर्दी जुकाम से बुखर आया है तो 10 ग्राम अदरक के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार लें. इसको लेने के बाद पानी न पियें बस आपका सर्दी जुकाम बिलकुल ठीक हो जायेगा.

Share करने के लिए निचे दिए गए SHARING BUTTONS पर Click करें. (जरूर शेयर करे ताकि जिसे इसकी जरूर हो उसको भी फायदा हो सके)
आयुर्वेद एक असरकारी तरीका है, जिससे आप बिना किसी नुकसान के बीमारी को ख़त्म कर सकते है। इसके लिए बस जरुरी है की आप आयुर्वेदिक नुस्खे का सही से उपयोग करे। हम ऐसे ही नुस्खों को लेकर आप तक पहुंचाने का प्रयास करते है - धन्यवाद.